रिश्ते…हवा
दीया क्या जलाया, बादल घिरने लगे, बारिश भी हुई, बिजली गिरने लगी। मचा शोर; हर तरफ धुआँ उठने लगा, हुई साफ़ जब हवा तो सब दिखने लगे। वो क्या थे … Read more
दीया क्या जलाया, बादल घिरने लगे, बारिश भी हुई, बिजली गिरने लगी। मचा शोर; हर तरफ धुआँ उठने लगा, हुई साफ़ जब हवा तो सब दिखने लगे। वो क्या थे … Read more
…………………………………………………… दो रोटी कमाने घर से निकला था मैं पीछे पूरा जहां छोड़ कर आ गया …………………………………………………… एक हसरत थी बनूं बड़ा आदमी पूरी हसरत हुई तो बौना रह गया … Read more
मैं बूंद बूंद बढ़ती हूं वो दरिया-दरिया बहता है मैं मिट जाती हूं मिट्टी में वो पत्थर काट कर चलता है मुझे सोंख लेती है सिसकियां भी वो गरज कर … Read more
इंतजार वो छत सर पर बोझ थे उसके पिलर मेरी कोख में गड़े थे सीने पर रखे थे पत्थर हर जगह से मैं टूटी हुई थी फिर भी आंखे खोल … Read more
सब ले गए तुम तो यादें भी ले जाते तारों संग मेरे रतजगे भी ले जाते नींद जब ले ही गए तो बातें…सपने…सूनापन भी ले जाते खुशबू तो साथ चली … Read more
थे आग्नेयास्त्र की चमक से, आकाश भी पिघल रहे,वीरों के बाण-नाद से, थे वातावरण गूंज रहे। जंगलों में पेड़-पौधे, खुद में थे दुबक रहे,वायु में सैनिकों के, थे प्राण-पखेरू उड़ … Read more