माधव तुम अपराधी हो
दिनकर के सवाल माधव तुम अपराधी होराधेय के तुम घाती हो अर्जुन की खातिर माधव, तुमनेराधेय की बलि चढ़ाई है पार्थ-मोह में अंधे हो तुमने,दिनकर की ज्वाला भड़काई है क्या … Read more
दिनकर के सवाल माधव तुम अपराधी होराधेय के तुम घाती हो अर्जुन की खातिर माधव, तुमनेराधेय की बलि चढ़ाई है पार्थ-मोह में अंधे हो तुमने,दिनकर की ज्वाला भड़काई है क्या … Read more
सब ले गए तुम, तो यादें भी ले जाते तारों संग मेरे रतजगे भी ले जाते नींद जब ले ही गए तो बातें…सपने…सूनापन भी ले जाते ……………. खुशबू तो साथ … Read more
स्त्री विमर्श को केंद्र में रख कर बनी इस फिल्म में कहानी जिस तरह से शुरू होती है उससे कहानी का अंदाजा तो आप लगा लेंगे लेकिन फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी … Read more
बादल पूछते नहीं, हवाओं से पता अपना पहुंच जाते हैं, जिस ठौर भी बरसना होता है …… हालात बदल देते हैं सीरत सूरत की नजरें बेपरवाह भी इशारा समझ लेती है … Read more
यमुना के जल में रंग नहीं डारो सखी… डूबना नहीं है मुझे रंगना है होरी सखी… रंग, रंग डारो सखी ऐसे नहीं टालो सखी रंग नहीं घोरना मुझे रंग में … Read more
घुल जाऊं तो कांच हूं टकराऊं तो चट्टान रिसता रहूं तो समय हूं रिस जाऊ तो काल मैं रेत हूं समय बदल देता हूं …………. नहर, नदी, झील, सागर से … Read more
नब्ज थाम कर दर्द की दवा लिख दी हाथ दिल पर रखता तो इलाज हो जाता ……. मेरा तबीब मेरा हिसाब कर देता है नुस्खा नहीं बताता पर दिल की बात … Read more